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file foto jammu accitent

जम्मू में दर्दनाक हादसे में गयी 30 से अधिक जान, गृह मंत्री ने जताया शोक 

सोमवार की सुबह जम्मू कश्मीर के लिए फिर एक काली सुबह साबित हो गयी जहां हुए दर्दनाक हादसे में 30 से अधिक लोगों की जान चली गयी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में सोमवार सुबह हादसे में यात्रियों से भरी एक बस गहरी खाई में गिर गई जिससे 33 लोगों की मौत हो गई जबकि 22 लोग घायल हो गए। घटना की सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को बस से बाहर निकाला और उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया तथा मौके पर रेस्क्यू टीम भी पहुंच गई है और बचाव कार्य शुरू कर दिया गया है।
मिली जानकारी के अनुसार यह हादसा किश्तवाड़ के सिरगवारी केशवन इलाके में हुआ, जहां सुबह करीब पौने आठ बजे के करीब एक मिनी बस फिसलकर गहरी खाई में गिर गई, बताया जा रहा है कि केशवन से किश्तवाड़ जा रही इस मिनीबस में क्षमता से कहीं ज्यादा यात्री सवार थे, जिस समय ये हादसा हुआ उस वक्त बस में लगभग 50 से ज्यादा लोग सवार थे,घायलों में 7 की हालत गंभीर बताई जा रही है। 
गृह मंत्री अमित शाह ने इस सड़क हादसे पर दुख जताया है. उन्होंने हादसे में मारे गए लोगों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना प्रकट की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की है।
पुलिस के मुताबिक अब तक हादसे में ड्राइवर सहित 33 लोगों की मौत हो चुकी है, स्थानीय लोगों के मुताबिक हादसे के समय ऐसी आवाज आई जैसे कोई धमाका हुआ हो, स्थानीय लोगों ने जब बाहर निकलकर देखा तो बस खाई में गिरी हुई थी, पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से घायल लोगों को किसी तरह बस से बाहर निकाला हादसा को देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि हादसा कितना भयानक था, बताया जाता है कि कई लोग हादसे के समय बस की खिड़की से नीचे कूद गए, जिसके कारण उनकी मौत हो गई, हादसे में 22 लोग के घायल होने की भी सूचना है, घायलों में 7 की हालत गंभीर बताई जा रही है।

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हिमांचल में हो रहे सड़क लगातार हादसों पर हाईकोर्ट ने उठाया यह कदम 

हिमाचलप्रदेश - प्रदेश में हो रहे लगातार बड़े सड़क हादसों को रोकने के लिए हाईकोर्ट ने नई पहल की है, प्रदेश हाईकोर्ट में लगातार दूसरे दिन इस मुद्दे पर सुनवाई हुई है, बुधवार को सुनवाई के दौरान कोर्ट के आदेश पर तीन सदस्यीय कमेटी बनाई गई है, कमेटी में पीडब्ल्यूडी के पूर्व चीफ इंजीनियर सतीश सागर, एचआरटीसी के पूर्व जरनल मैनेजर राजीव गुप्ता और इंडियन रोड कांग्रेस से जसवंत सिंह को शामिल किया गया है. कोर्ट ने इस कमेटी को सड़क हादसों को रोकने के लिए दो सप्ताह में रिपोर्ट बनाने को कहा है।  

दो स्कूल हादसों को लेकर सुनवाई

स्थानीय सूत्रों द्वारा मिली जानकारी के अनुसार शिमला और नुरपुर स्कूल बस हादसों को लेकर हाईकोर्ट में अलग-अलग जनहित याचिकाएं डाली गई थी जिस पर हाईकोर्ट की डबल बैंच में मंगलवार के बाद बुधवार को भी सुनवाई हुई, बुधवार को चीफ जस्टिस राम सुब्रमण्यनन और अनूप चितकारा वाली खंडपीठ ने आधा घंटा सुनवाई की। कोर्ट ने इस मसले पर गठित कमेटी से दो सप्ताह में रिपोर्ट मांगी है, यह कमेटी बस हादसों पर रोकथाम लगाने के लिए दो सप्ताह में 17 जुलाई को अपनी पहली रिपोर्ट कोर्ट को सौंपेंगी. वहीं, सरकार के महाधिवक्ता अशोक शर्मा के सुझाव को कोर्ट ने अस्वीकार कर दिया. अशोक शर्मा ने सुझाव दिया था कि आला सरकारी अधिकारियों को कमेटी में शामिल किया जाए, लेकिन कोर्ट ने इसे मानने से इंकार कर दिया है। विदित हो कि 2 जुलाई को भी इसी मामले में सुनवाई हुई थी। कोर्ट ने शिमला में हाल ही में हुए एचआरटीसी स्कूल बस हादसे को नुरपुर बस हादसे से जोड़ते हुए सुनवाई का फैसला किया है। बतातें चलें कि 9 अप्रैल 2018 में नुरपुर स्कूल बस हादसे में 24 बच्चों की मौत हुई थी, जबकि हिमाचल के शिमला में एक जुलाई को एचआरटीसी स्कूल बस हादसे में दो बच्चियों समेत तीन लोगों की मौत हुई है।