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सूर्य ग्रहण कल, यहाँ यहाँ रहेगा असर 

2 जुलाई 2019 को साल का दूसरा सूर्य ग्रहण (solar eclipse) लग रहा है. सूर्य ग्रहण की ये खगोलीय घटना दक्षिणी अमेरिका, प्रशांत महासागर और दक्षिणमध्य अमेरिका, अटलांटिका एवं अर्जेंटीना में देखा जा सकेगा. भारत में इसे नहीं देखा जा सकेगा. हालांकि राशियों पर इसका असर पड़ेगा. भारतीय समय के अनुसार, 2 जुलाई रात 10:25 मिनट पर ग्रहण की शुरुआत होगी जोकि रात 3 बजकर 21 मिनट तक चलेगी. ग्रहण काल तकरीबन 4 घंटे तक चलेगा
ये है सूतक का समय
सूर्यग्रहण से पहले सूतक की शुरुआत दी में ही करीब 10:25 से हो जाएगी. हालांकि भारत में सूर्यग्रहण नहीं दिखाई देगा लेकिन राशियों पर इसका बुरा प्रभाव न पड़े इसके लिए 3 जुलाई को प्रातः सूर्य उगने से पहले नित्यकर्म और स्नान करके सूर्य देव को जल अर्पित करें और हाथ जोड़कर उनसे शुभ प्रभाव की कामना करें, माना जाता है कि ग्रहण काल में कोई भी मांगलिक या शुभ काम नहीं करना चाहिए. इस समय भगवान की पूजा करने का प्रावधान भी नहीं है, वैज्ञानिक आधार पर देखा जाए तो सूर्य ग्रहण तब लगता है जब चंद्रमा, सूर्य और पृथ्वी के बीच आ जाता है. इससे चंद्रमा से सूर्य पूरी तरह से या आंशिक तौर पर ढंक जाता है तब चंद्रमा की छाया धरती पर पड़ती है, इसी खगोलीय घटना को चन्द्र ग्रहण कहा जाता है.

अमरनाथ यात्रा शुरू, बाबा बफार्नी के दर्शन के लिए तीर्थयात्री रवाना

धर्म डेस्क : अमरनाथ यात्रा सोमवार को कड़ी सुरक्षा के बीच शुरू हो गई। 7,500 से अधिक तीर्थयात्री बाबा बफार्नी के दर्शन के लिए रवाना हो गए। रविवार को कश्मीर घाटी के लिए 2,000 से अधिक तीर्थयात्रियों का पहला जत्था रवाना होने के बाद 4,417 तीर्थयात्रियों का दूसरा जत्था जम्मू से गुफा के लिए रवाना हुआ। एक अधिकारी ने कहा कि श्रीनगर से जम्मू तक यातायात की अनुमति तब तक नहीं दी जाएगी, जब तक कि तीर्थयात्रियों का जत्था जवाहर सुरंग को पार नहीं कर जाता। अमरनाथ यात्रियों को ले जाने वाले किसी भी वाहन को पुंछ और राजौरी जिलों को जोड़ने वाले मुगल रोड पर जाने की अनुमति नहीं होगी।

उत्तरी कश्मीर के गांदरबल जिले में बालटाल आधार शिविर से 7,500 तीर्थयात्री सोमवार को यात्रा के लिए रवाना हुए। शेष पहले ही पहलगाम मार्ग से होकर यात्रा करते हुए छड़ी मुबारक के साथ गुफा तक पहुंच चुके हैं। समुद्र तल से 3,888 मीटर ऊपर स्थित 45 दिवसीय वार्षिक यात्रा 15 अगस्त को सम्पन्न होगी। एक अधिकारी ने कहा, “सोमवार को 31 बच्चों के अलावा 3,543 पुरुषों, 843 महिलाओं का जत्था भगवती नगर यात्री निवास से 142 वाहनों के काफिले के साथ रवाना हुआ।” 

उन्होंने कहा, “इनमें से 1,617 तीर्थयात्री बालटाल आधार शिविर और 2,800  पहलगाम आधार शिविर पहुंचेंगे। अधिकारियों ने जम्मू-श्रीनगर राजमार्ग पर दोपहर 3.30 बजे तक विपरीत दिशा में किसी भी यातायात की अनुमति नहीं देने का फैसला किया है ताकि घाटी की ओर यात्रियों के लिए सुगम मार्ग सुनिश्चित किया जा सके।” जम्मू एवं कश्मीर के राज्यपाल सत्य पाल मलिक, जो श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड (एसएएसबी) के अध्यक्ष भी हैं, मंदिर में विशेष पूजा में भाग लेंगे, जो परंपरागत रूप से पहले दिन की सुबह अमरनाथ गुफा में 'छड़ी मुबारक' के आगमन के साथ शुरू होती है। 

घर की बैठक में आप श्रीराम दरबार का फोटो लगाएं

घर की बैठक में आप श्रीराम दरबार का फोटो लगाएं, जहां हनुमानजी प्रभु श्रीरामजी के चरणों में बैठे हुए हैं।

डेस्क-हनुमानजी का चित्र लगाने पर दक्षिण दिशा से आने वाली हर बुरी ताकत हनुमानजी का चित्र देखकर लौट जाती है। इससे घर में सुख और समृद्धि बढ़ती है।

वास्तु के अनुसार हनुमानजी का चित्र हमेशा दक्षिण दिशा की ओर देखते हुए लगाना चाहिए। यह चित्र बैठी मुद्रा में लाल रंग का होना चाहिए।दक्षिण दिशा की ओर मुख करके हनुमानजी का चित्र इसलिए अधिक शुभ है क्योंकि हनुमानजी ने अपना प्रभाव सर्वाधिक इसी दिशा में दिखाया है।

आइए जानते हैं कि हनुमान जी किस दिशा में लगायें 

  • यदि भवन में गलत दिशा में कोई भी जल स्रोत हो तो इस वास्तु दोष के कारण परिवार में शत्रु बाधा, बीमारी व मन मुटाव देखने को मिलता है।
  • जिनका मुख उस जल स्रोत की ओर देखते हुए दक्षिण पाश्चिम दिशा की तरफ हो
  • बैठक में लगाएं हनुमान जी का यह स्वरूप|
  • घर की बैठक में आप श्रीराम दरबार का फोटो लगाएं, जहां हनुमानजी प्रभु श्रीरामजी के चरणों में बैठे हुए हैं।
  • इसके अलावा बैठक में पंचमुखी हनुमानजी का चित्र, पर्वत उठाते हुए हनुमानजी का चित्र या श्रीराम भजन करते हुए हनुमानजी का चित्र लगा सकते हैं।
  • ध्यान रखें कि उपरोक्त में से कोई एक चित्र लगा सकते हैं।
  • यदि यह चित्र आपके घर में है तो आपमें साहस, बल, विश्वास और जिम्मेदारी का विकास होगा।
  • आप किसी भी परिस्थिति से घबराएंगे नहीं।
  • हर परिस्थिति आपके समक्ष आपको छोटी नजर आएगी और तुरंत ही उसका समाधान हो जाएगा।
  • यदि यह चित्र आपके घर में है तो आपकी उन्नति, तरक्की और सफलता को कोई रोक नहीं सकता।
  • आपमें आगे बढ़ने के प्रति उत्साह और साहस का संचार होगा। निरंतर आप सफलता के मार्ग पर बढ़ते जाएंगे।
  • यदि यह चित्र आपके घर में है तो आपमें भक्ति और विश्वास का संचार होगा।
  • यह भक्ति और विश्वास ही आपके जीवन की सफलता का आधार है।

जानिए किस दिशा में हनुमान जी की फोटो लगाना माना है शुभ

घर की बैठक में आप श्रीराम दरबार का फोटो लगाएं, जहां हनुमानजी प्रभु श्रीरामजी के चरणों में बैठे हुए हैं।

डेस्क-हनुमानजी का चित्र लगाने पर दक्षिण दिशा से आने वाली हर बुरी ताकत हनुमानजी का चित्र देखकर लौट जाती है। इससे घर में सुख और समृद्धि बढ़ती है।

वास्तु के अनुसार हनुमानजी का चित्र हमेशा दक्षिण दिशा की ओर देखते हुए लगाना चाहिए। यह चित्र बैठी मुद्रा में लाल रंग का होना चाहिए।दक्षिण दिशा की ओर मुख करके हनुमानजी का चित्र इसलिए अधिक शुभ है क्योंकि हनुमानजी ने अपना प्रभाव सर्वाधिक इसी दिशा में दिखाया है।

आइए जानते हैं कि हनुमान जी किस दिशा में लगायें 

  • यदि भवन में गलत दिशा में कोई भी जल स्रोत हो तो इस वास्तु दोष के कारण परिवार में शत्रु बाधा, बीमारी व मन मुटाव देखने को मिलता है।
  • जिनका मुख उस जल स्रोत की ओर देखते हुए दक्षिण पाश्चिम दिशा की तरफ हो
  • बैठक में लगाएं हनुमान जी का यह स्वरूप|
  • घर की बैठक में आप श्रीराम दरबार का फोटो लगाएं, जहां हनुमानजी प्रभु श्रीरामजी के चरणों में बैठे हुए हैं।
  • इसके अलावा बैठक में पंचमुखी हनुमानजी का चित्र, पर्वत उठाते हुए हनुमानजी का चित्र या श्रीराम भजन करते हुए हनुमानजी का चित्र लगा सकते हैं।
  • ध्यान रखें कि उपरोक्त में से कोई एक चित्र लगा सकते हैं।
  • यदि यह चित्र आपके घर में है तो आपमें साहस, बल, विश्वास और जिम्मेदारी का विकास होगा।
  • आप किसी भी परिस्थिति से घबराएंगे नहीं।
  • हर परिस्थिति आपके समक्ष आपको छोटी नजर आएगी और तुरंत ही उसका समाधान हो जाएगा।
  • यदि यह चित्र आपके घर में है तो आपकी उन्नति, तरक्की और सफलता को कोई रोक नहीं सकता।
  • आपमें आगे बढ़ने के प्रति उत्साह और साहस का संचार होगा। निरंतर आप सफलता के मार्ग पर बढ़ते जाएंगे।
  • यदि यह चित्र आपके घर में है तो आपमें भक्ति और विश्वास का संचार होगा।
  • यह भक्ति और विश्वास ही आपके जीवन की सफलता का आधार है।