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जजों की नियुक्ति में भी जातिवाद व परिवारवाद का दंश, हाईकोर्ट के जज ने लिखा पीएम मोदी को पत्र

दिल्ली - इलाहाबद हाइकोर्ट के जज रंगनाथ पांडेय ने पीएम नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर जजों की नियुक्ति में भी जातिवाद व परिवारवाद के दंश को देखते हुए पीएम नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर मामले में कठोर कार्यवाही करने की मांग की है। हाईकोर्ट के जज रंगनाथ पांडेय ने पत्र में लिखा कि यहां न्‍यायाधीशों के परिवार का सदस्‍य होना ही अगला न्‍यायाधीश होना सुनिश्चित करता है. विभिन्‍न प्रतियोगी परीक्षाओं में अनेक मापदंड हैं लेकिन सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट में ऐसी कोई निश्चित कसौटी नहीं है। 
इलाहाबाद हाईकोर्ट के जज रंगनाथ पांडेय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक शिकायती पत्र लिखा है, उन्‍होंने हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में जजों की नियुक्ति के दौरान वंशवाद और जातिवाद के आरोप लगाए हैं. जस्टिस पांडे ने लिखा है कि लोकतंत्र के 3 स्‍तंभों में से सर्वाधिक महत्‍वपूर्ण न्‍यायपालिका वंशवाद और जातिवाद से बुरी तरह ग्रस्‍त है।
न्यूज़ एजेंसी एएनआई के अनुसार उन्‍होंने लिखा कि यहां न्‍यायाधीशों के परिवार का सदस्‍य होना ही अगला न्‍यायाधीश होना सुनिश्चित करता है. जस्टिस पांडेय का कहना कि विभिन्‍न प्रतियोगी परीक्षाओं में अनेक मापदंड हैं लेकिन सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट में ऐसी कोई निश्चित कसौटी नहीं है. यहां एक ही मापदंड है परिवारवाद और भाई-भतीजावाद जिससे बाहर निकलने के लिए कठोर कदम उठाने की आवश्यकता है। 
जस्टिस रंगनाथ पांडेय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लोकसभा चुनाव 2019 में पूर्ण बहुमत प्राप्‍त करने पर भी बधाई दी है. उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने वंशवाद की राजनीति को खत्‍म करने का महत्‍वपूर्ण काम किया है।

 मायावती के भाई की बढ़ी मुश्किलें, आयकर विभाग ने 400 करोड़ की बेनामी सम्पत्ति जब्त 

लखनऊ - बसपा सुप्रीमों मायावती के भाई पर आयकर विभाग ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है, आयकर विभाग ने बड़ी कार्यवाही करते हुए बसपा प्रमुख मायावती के भाई आनंद कुमार की 400 करोड़ की बेनामी सम्पत्ति को जब्त कर लिया है, आनंद कुमार के खिलाफ बेनामी संपत्ती की जानकारी मिली थी, जिसके बाद वर्ष 2017 में आयकर विभाग ने उनसे पूछताछ की थी।  
आयकर विभाग ने गुरुवार को बेनामी संपत्ति के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए नोएडा में 400 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त की है, बताया जा रहा है कि यह संपत्ति बसपा सुप्रीमो मायावती के भाई आनंद कुमार और उनकी पत्नी की है, आयकर विभाग ने नोएडा में 28 हजार वर्ग मीटर की जमीन भी सील की है, जिसकी सरकारी कीमत 400 करोड़ रुपये आंकी गई है, लेकिन, अगर मार्केट प्राइस की बात करें तो इसकी कीमत कई गुना ज्‍यादा होने की संभावना है।  
इनकम टैक्स विभाग के मुताबिक आनंद कुमार ने दिल्ली के व्यवसायी एसके जैन के सहयोग से कई हजार करोड़ की बेनामी संपत्ति जुटाई थी, इस मामले में एसके जैन को बोगस कंपनी मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने गिरफ्तार कर लिया था। आनंद कुमार ने वर्ष 2007 से लेकर 2012 तक मावती के मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान तक यह बेनामी सम्पत्ति अर्जित की थी। मायावती के मुख्यमंत्री रहते आनंद कुमार की संपत्ति में कई गुना तक की वृद्धि दर्ज की गई थी। 
 सूत्रों के  अनुसार मिली जानकारी के मुताबिक़ वर्ष 2007 से 2012 के बीच आनंद कुमार की नेटवर्थ 7.5 करोड़ रुपये से बढ़कर 1,316 करोड़ रुपये तक पहुंच गई थी, आनंद कुमार पर आरोप लगा है कि उन्होंने बोगस कंपनियां बनाकर कई हजार करोड़ की बेनामी संपत्ति बनाई. यह भी आरोप है कि उन्होंने नोटबंदी के दौरान इन्हीं फर्जी कंपनियों की सहायता से करोड़ों रुपए बदलवाए थे, बतातें चलें कि लोकसभा चुनाव परिणाम आने के बाद मायावती ने संगठन में फेरबदल करते हुए भाई आनंद कुमार को बसपा का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया है, साथ ही आनंद कुमार के बेटे को पार्टी के नेशनल कोऑर्डिनेटर की जिम्मेदारी दी गई है, लिहाजा जांच की आंच आनंद कुमार तक भी जा सकती है।  

आयकर विभाग के बाद अब ईडी भी अब कार्रवाई की तैयारी में

आने वाले दिनों में बसपा के उपाध्यक्ष आनंद कुमार की मुश्किलें बढ़ सकती हैं, क्योंकि इनकम टैक्स विभाग द्वारा की गई इस कार्रवाई के बाद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) भी कार्रवाई के तैयारी में हैं,  इस मामले में ईडी मनी लांड्रिंग मामले में केस दर्ज किया था, अब वह इसमें तेजी लाने की तैयारी कर रही है, ऐसे में आनंद कुमार पर की गई इस कार्रवाई की आंच बसपा सुप्रीमो मायावती तक भी पहुंच सकती है, खासकर विधानसभा उपचुनाव और वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले मायावती की मुश्किल और बढ़ सकती है। 

योगी सरकार में परिवहन मंत्री स्वतंत्र देव सिंह यूपी भाजपा अध्यक्ष बनाए गए

लखनऊ : भारतीय जनता पार्टी ने आज अहम फेरबदल करते हुए उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र में नए पार्टी अध्यक्षों की नियुक्ति की है। स्वतंत्र देव सिंह को उत्तर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बनाया गया है तो चंद्रकांत पाटिल को महाराष्ट्र भाजपा अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। 
उत्तर प्रदेश में महेंद्रनाथ पांडेय के केंद्र सरकार में जाने की वजह से पार्टी अध्यक्ष के पद के लिए नए चेहरे की तलाश कर रही थी। स्वतंत्र देव सिंह योगी सरकार में परिवहन मंत्री और मध्य प्रदेश के प्रभारी भी हैं।  
वहीं, महाराष्ट्र में अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल रहे रावसाहेब पाटिल ने केंद्र सरकार में मंत्रालय मिलने के चलते इस्तीफा दे दिया था। अब यह जिम्मेदारी चंद्रकांत पाटिल को दी गई है। बता दें कि महाराष्ट्र में इसी साल विधानसभा चुनाव होने हैं। 
इस साल हुए लोकसभा चुनावों में भाजपा की जीत के बाद उत्तर प्रदेश के भाजपा अध्यक्ष महेंद्रनाथ पांडेय और महाराष्ट्र के पार्टी अध्यक्ष रावसाहेब पाटिल को केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल किया गया था। भाजपा की 'एक व्यक्ति एक पद' नीति के तहत दोनों प्रदेश अध्यक्ष के पद पर  बने नहीं रह सकते थे।
पार्टी में स्वतंत्र देव सिंह को बेहद साधारण व्यक्तित्व का धनी माना जाता है। इसके पहले वे यूपी भाजपा में प्रदेश महामंत्री, प्रदेश उपाध्यक्ष और युवा मोर्चा के अध्यक्ष रहे हैं। वे लंबे समय तक अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता भी रहे हैं। पिछले लोकसभा चुनाव में उन्होंने मध्यप्रदेश में भाजपा की चुनावी कमान संभाली थी और 29 में से 28 सीटें जिताकर शानदार प्रदर्शन किया था। यह जीत इस मायने में भी अर्थपूर्ण है कि कुछ ही महीने पहले मध्यप्रदेश में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा को हार का सामना करना पड़ा था। मौजूदा नियुक्ति को उनके उसी शानदार परिश्रम का फल बताया जा रहा है। 
 
चंद्रकांत दादा पाटिल भी महाराष्ट्र भाजपा के कद्दावर नेता हैं। वे भी बेहद साधारण परिवार से आते हैं। प्रदेश संगठन में अनेक पदों पर रहने के अलावा वे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता रहे हैं। शुरुआती दौर के बाद वे एबीवीपी के पूर्णकालिक कार्यकर्ता बन गए थे।
 

हत्या के 20 साल पुराने मामले में योगी आदित्यनाथ को कोर्ट से मिली राहत

लखनऊ : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को मंगलवार को एमपी एमएलए कोर्ट से बड़ी राहत मिली। पुलिस कांस्टेबल सत्यप्रकाश यादव की हत्या का केस खारिज कर दिया गया है। सत्यप्रकाश की 1999 में महाराजगंज में हत्या हुई थी।
20 साल पुराने इस मामले में योगी आदित्यनाथ के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। सीबीसीआईडी ने इस मामले में फाइनल रिपोर्ट पहले ही दे दी थी, फाइनल रिपोर्ट को पिछले साल सीजेएम कोर्ट ने भी सही माना था। उसके बाद सीजेएम के आदेश को प्रयागराज की स्पेशल एमपी एमएलए कोर्ट में चुनौती दी गई थी। स्पेशल कोर्ट ने भी सीजेएम के आदेश को सही मानते हुए पिटीशन को खारिज कर दिया।

सीएम योगी पर नहीं चलेगा हत्या का मुकदमा   

बता दें कि महाराजगंज के सपा नेता तलत अजीज ने सीएम योगी के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। इसके बाद सीएम योगी ने भी तलत अजीज व अन्य के खिलाफ क्रास एफआईआर दर्ज कराई थी।दोनों ही मामलों में दाखिल पिटीशन मंगलवार को कोर्ट ने खारिज कर दीं।
 

योगी सरकार की कैबिनेट बैठक सम्पन्न, इस अहम प्रस्ताव को मिली स्वीकृति 

लखनऊ - उत्तर प्रदेथ की अध्यक्षता में मंगलवार को कैबिनेट की बैठक सम्पन्न हुई, बैठक एक अहम प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई है।  कैबिनेट बैठक में हुई अहम बातों के बारे में प्रदेश सरकार के प्रवक्ता स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि बैठक में कुल दो प्रस्तावों पर चर्चा हुई थी। जिसमे निर्वाचन विभाग से जुड़े प्रस्ताव को कैबिनेट में मंजूरी दे दी गई है। वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कैबिनेट बैठक के दौरान कहा कि विभागों के पुनर्गठन के लिए लाए गए प्रस्ताव पर चर्चा किए जाने की जरूरत है। उन्होंने मामले पर जल्द से जल्द विचार-विमर्श पूरा कर फिर से कैबिनेट में प्रस्ताव लाने के निर्देश दिए।  प्रदेश सरकार के प्रवक्ता के मुताबिक कैबिनेट में निर्वाचन विभाग द्वारा वित्तीय वर्ष 2018-19 के 99 करोड़ के बजट के स्वीकृति का प्रस्ताव पेश किया जिस पर कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। इसके अलावा कैबिनेट में नीति आयोग द्वारा विभागों के पुनर्गठन का प्रस्ताव रखा गया, जिस पर चर्चा की गई लेकिन अभी कैबिनेट ने मंजूरी नहीं दी है। इसे फिर से कैबिनेट में पेश किया जाएगा. केंद्र से जोड़कर इस बार मंत्रालय को रखने की प्रक्रिया के तहत काम होगा। हालांकि विभागों के पुनर्गठन पर मुहर लग गई है. नीति आयोग की सलाह पर योगी सरकार ने विभागों के पुनर्गठन के लिए आईएएस संजय अग्रवाल की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाई थी. कमेटी द्वारा रिपोर्ट पेश किया जा चुका है।  इस रिपोर्ट में मौजूदा 95 विभागों को घटाकर 57 रखने का सुझाव दिया गया है। 

वर्ल्ड कप क्रिकेट : महबूबा मुफ्ती ने नई जर्सी को ठहराया हार की वजह 

स्पोर्ट्स डेस्क : जम्मू एंड कश्मीर की पूर्व मुख्य मंत्री महबूबा मुफ्ती ने टीम इंडिया को इस विश्व कप में इंग्लैंड के हाथों मिली पहली हार के लिए नई जर्सी को जिम्मेदार ठहराया। उन्होेंने टवीट् किया क़ि आप मुझे अंधविश्वासी कह सकते हैं पर मैं यही कहूंगी कि यह जर्सी ही है जिसने भारतीय टीम का अजेय रथ रोक दिया। इससे पहले महबूबा ने टवीट् किया कि पाकिस्तानी प्रशंसक इंग्लैंड के खिलाफ भारतीय जीत की दुआ कर रहे हैं। चलो कम से कम क्रिकेट के बहाने दोनों देशों में कुछ बदलाव तो आया। 
वहीं उमर अब्दुल्ला ने भी टीम इंडिया की हार पर सवाल उठाते हुए कहा निराशाजनक बल्लेबाजी टीम इंडिया की हार का कारण बनी। उन्होंने कहा कि   पाकिस्तान और इंग्लैंड की जगह अगर हमारा सेमीफाइनल का टिकट दांव पर लगा होता तब भी क्या टीम इंडिया ऐसे ही खेलती। 

इस राज्य में बनने जा रहा नया कानून, दो से अधिक बच्चे हैं तो नहीं नहीं लड़ सकते चुनाव

अगर आप के दो से अधिक बच्चे हैं और आप चुनाव लड़कर जनता की सेवा करने का सपना देख रहे हैं तो शायद अब आप चुनाव लड़ने का सपना छोड़ दीजिए, जी हां उत्तराखंड में पंचायत चुनावों को लेकर सरकार बड़ा बदलाव करने जा रही है। सरकार ऐसे विकल्प तलाश रही है कि जिन लपगों के दो से अधिक बच्चे हैं उनको पंचायत चुनाव में लड़ने दिया जाए या नहीं, साथ ही सरकार जन प्रतिनिधियों की शैक्षिक योग्यता के निर्धारण को लेकर भी बदलाव होने की बात चल रही है, सूत्रों के मुताबिक राज्य सरकार इस संबंध में जल्द ही विधानसभा में पंचायती राज एक्ट में संशोधन विधेयक लाने जा रही है, विधेयक पारित होने की स्थिति में आने वाले पंचायती चुनाव भी इसी तर्ज पर करवाए जाएंगे, विदित हो कि राज्य में हरिद्वार के अलावा अन्य सभी 12 जिलों में सितंबर में ही पंचायत चुनाव होने जा रहे हैं।

हरियाणा और राजस्‍थान के पंचायती राज एक्ट पर हो रही निगरानी 

उत्तरखण्ड राज्य का अपना पंचायतीराज एक्ट 2016 में अस्तित्व में आया था, इसके बाद वर्तमान में राज्य सरकार ने इसमें बदलाव करने का निर्णय लिया है,  सरकार ने एक्ट में नगर निकायों की तरह ही पंचायतों में चुनाव लड़ने के लिए दो बच्चों की शर्त और न्यूनतम शैक्षिणक योग्यता के बदलाव पर जोर दिया है, इसके लिए पंचायती राज मंत्री अरविंद पांडेय ने मसौदा तैयार करने के निर्देश दिए थे, इस मसौदे के लिए अधिकारियों को हरियाणा और राजस्‍थान के पंचायती राज एक्‍ट को देखने को कहा गया, साथ ही न्याय विभाग से भी राय मांगी गई. फिलहाल दो बच्चों के मामले में तो बदलाव होने के लिए सभी तरफ से हरी झंडी मिल गई है लेकिन शैक्षणिक योग्यता पर निर्णय होना बाकी है, इस मसौदे को बनाने के दौरान शैक्षणिक योग्यता को लेकर हरियाणा के मॉडल को उपयुक्त माना गया, हरियाणा में सामान्य वर्ग के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता हाईस्कूल, अनुसूचित जाति के लिए आठवीं और आरक्षित वर्ग की महिला के लिए पांचवीं पास होना जरूरी है, ऐसे में यदि इस मॉडल को लिया जाता है तो उत्तराखंड में भी इसी प्रक्रिया की शुरुआत हो जाएगी। बताते चलें कि उत्तराखंड में हरिद्वार को छोड़कर पंचायतों का कार्यकाल जुलाई में खत्म होने जा रहा है, इसके चलते चुनाव अब सितंबर में हो सकते हैं, यदि यह संशोधित विधेयक पारित होता है तो आने वाले चुनाव इसी तर्ज पर होंगे और बहुत से प्रत्याशी इस चुनाव में प्रतिभाग नहीं कर पाएंगे।

छह महीने बाद ही टूट गया बुआ-भतीजे का रिश्ता, माया ने कर दिया ऐलान

लखनऊ : लोकसभा चुनाव में हार के बाद बहुजन समाज पार्टी और समाजवादी पार्टी के बीच सियासी तकरार बढ़ती जा रही है। बसपा सुप्रीमो मायावती ने एक बार फिर से ट्वीट करके समाजवादी पार्टी पर हमला बोला है। मायावती ने लिखा कि सपा सरकार में दलित विरोधी फैसले हुए। 
मायावती ने लिखा कि 2012-17 में सपा सरकार के दलित विरोधी फैसलों को दरकिनार करके देश व जनहित में सपा के साथ गठबंधन धर्म को पूरी तरह से निभाया। उन्होंने कहा कि आगे होने वाले सभी छोटे-बड़े चुनाव पार्टी अकेले अपने बूते पर ही लड़ेगी।

मायावती ने ट्वीट कर लिखा- बीएसपी की आल इंडिया बैठक कल लखनऊ में ढाई घंटे तक चली। इसके बाद राज्यवार बैठकों का दौर देर रात तक चलता रहा जिसमें भी मीडिया नहीं था। फिर भी बीएसपी प्रमुख के बारे में जो बातें मीडिया में फ्लैश हुई हैं वे पूरी तरह से सही नहीं हैं जबकि इस बारे में प्रेसनोट भी जारी किया गया था।
वैसे भी जगजाहिर है कि सपा के साथ सभी पुराने गिले-शिकवों को भुलाने के साथ-साथ सन् 2012-17 में सपा सरकार के बीएसपी व दलित विरोधी फैसलों, प्रमोशन में आरक्षण विरूद्ध कार्यों एवं बिगड़ी कानून व्यवस्था आदि को दरकिनार करके देश व जनहित में सपा के साथ गठबंधन धर्म को पूरी तरह से निभाया।
परन्तु लोकसभा आमचुनाव के बाद सपा का व्यवहार बीएसपी को यह सोचने पर मजबूर करता है कि क्या ऐसा करके बीजेपी को आगे हरा पाना संभव होगा? जो संभव नहीं है। अतः पार्टी व मूवमेन्ट के हित में अब बीएसपी आगे होने वाले सभी छोटे-बड़े चुनाव अकेले अपने बूते पर ही लड़ेगी।

 

अब स्मृति अमेठी में बनाएंगी अपना घर, राहुल पर कसा तंज

अमेठी : केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने शनिवार को अपने अमेठी दौरे के पहले दिन कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि अमेठी में एक समय ऐसा था जब सांसद पांच साल बाद नजर आते थे। जनता को मिलने के लिए उनसे दिल्ली जाना पड़ता था। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। उन्होंने कहा कि गौरीगंज में जमीन चिह्नित कर ली गई है और अपना घर मैं यहीं बनवाऊंगी, ताकि अमेठी की जनता को समस्या बताने के लिए भागदौड़ न करनी पड़े। वे शनिवार को राजा विश्वनाथ इंटर कॉलेज तिलोई में शिलान्यास समारोह के दौरान बोल रहीं थी। 

उन्होंने कहा कि अमेठी में अब तक नामदारों का ही बोलबाला था, जो पैसे के बल पर चुनाव जीतते थे। लेकिन यहां की जनता ने इस बार नामदारों नहीं बल्कि कामगारों को चुना है। उन्होंने कहा कि मेरे लिए यह गौरव की बात है कि मैं यहां की जनता की दीदी हूं और एक सांसद नहीं बहन के नाते आप सबकी सेवा करूंगी।  

केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी शनिवार को दो दिवसीय दौरे पर अमेठी पहुंची थीं। दौरे के पहले दिन बरौलिया से उनका काफिला तिलोई की ओर जा रहा था। अचानक कूरा गांव के पास एक युवती ट्राई साइकिल पर बैठी दिखी।

परिवार के लोग भी उसके संग मौजूद थे। स्मृति ने युवती को देखते ही अपने वाहन को रुकवा दिया। स्मृति ने वाहन से उतरकर परिवार के लोगों से बात की तो पता चला कि युवती कूरा गांव के भीम नारायण की पुत्री आरती है।

आरती का कुछ समय पूर्व एक्सीडेंट हो गया था और वह अपने पैरों पर चलने से लाचार है। परिवारीजन उसे अस्पताल ले जाने के लिए निकले हैं। इतना सुनते ही स्मृति ने अपने काफिले में शामिल सरकारी एंबुलेंस से युवती को जिला अस्पताल भेजवाया। इतना ही नहीं स्मृति ने परिवारीजनों से कहा कि कोई भी दिक्कत आए तो वे शाम को गौरीगंज में उनसे मिल सकते हैं।