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आज की जंग करेगी कई टीमों के भाग्य का फैसला  

स्पोर्ट्स डेस्क - यूँ तो क्रिकेट का हर मुकाबला किसी भी टीम के लिए अहम होता है और जब बात विश्व कप की हो तो हर मैच में टीमें जान लगाकर खेलती हैं और अपनी प्रतिभा का सब कुछ मैच में झोंक देती हैं, मगर आज न्यूजीलैंड व इंग्लैण्ड के बीच होने वाला मुकाबला इस विश्वकप 2019 में कई टीमों के भाग्य का फैसला करेगा।  आज का मैच न्यूजीलैंड व इंग्लैण्ड दोनों टीमों के लिए भी करो या मारो के मुकाबले जैसा है।
आज दोपहर बाद ICC वर्ल्ड कप के 41वें मुकाबले में 3 जुलाई को रिवसाइड ग्राउंड पर मेजबान इंग्लैंड का मुकाबला न्यूजीलैंड से होना है। न्यूजीलैंड प्वाइंट्स टेबल में तीसरे और इंग्लैंड चौथे नंबर पर है। 
अगर मेजबान इंग्लैण्ड यह मुकाबला जीत जाती है, सेमीफाइनल में एंट्री होगी. अगर हार जाती है तो उसके सेमीफाइनल में पहुंचने की उम्मीद दूसरे की हार पर टिकी होगी. मतलब इस मैच के बाद भी इंग्लैंड की उम्मीदें बाकी रहेगी और उसे पाकिस्तान की हार का इंतजार करना होगा. लेकिन अगर पाकिस्तान की टीम अपने अगले मैच में बांग्लादेश को हरा देती है, तो फिर सेमीफाइनल में पहुंच जाएगी और इंग्लैंड बाहर हो जाएगा वहीं, दूसरी तरफ न्यूजीलैंड की टीम अगर इंग्लैंड के हाथों यह मैच गंवा देती है, तो फिर पाकिस्तान के लिए सेमीफाइनल में पहुंचने की संभावनाएं बढ़ जाएंगी, इंग्लैण्ड की टीम को श्रीलंका और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मिली हार के बाद काफी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था, लेकिन टीम ने इस आलोचनाओं को सकारात्मक रूप से लेते हुए भारत के खिलाफ शानदार वापसी की और उसे 31 रनों से हराकर सेमीफाइनल में पहुंचने की अपनी उम्मीदों को जिंदा रखा था।  

23 साल से सेमीफाइनल में नहीं पहुँच सका है इंग्लैंड


इंग्लैंड की टीम 1996 वर्ल्ड कप के बाद कभी भी सेमीफाइनल में नहीं पहुंच सकी है, हर बार वो सेमीफाइनल से पहले ही वर्ल्ड कप से बाहर हो जाती है, ऐसे में आज का मैच जीतकर 23 साल के इंतजार को इंग्लैंड की टीम खत्म करना चाहेगी, वही कीवियों के लिए भी आसान राह अब बची नहीं है।  
न्यूजीलैंड को पाकिस्तान और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पिछले दो मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा है, दोनों मैचों में टीम की बल्लेबाजी सही नहीं रही थी और अब वे इंग्लैंड के खिलाफ मैच में इसमें सुधार करना चाहेंगे।  

ये होंगी टीम
 
न्यूजीलैंड - केन विलियम्सन (कप्तान), टॉम ब्लंडल, ट्रेंट बोल्ट, कोलिन डी ग्रांडहोम, लॉकी फग्र्यूसन, मार्टिन गुप्टिल, टॉम लाथम, कोलिन मनुरो, जिमी नीशम, हेनरी निकोलस, मिशेल सैंटनर, ईश सोढी, टिम साउदी, रॉस टेलर।

इंग्लैंड - इयोन मोर्गन (कप्तान), मोइन अली, जोफ्रा आर्चर, जॉनी बेयरस्टो (विकेटकीपर), जोस बटलर, टॉम कुरैन, लियाम डॉसन, लियाम प्लंकट, आदिल राशिद, जोए रूट, बेन स्टोक्स, जेम्स विंस, क्रिस वोक्स, मार्क वुड। 

विश्व कप में सबसे ज्यादा रन बनाने वाला कप्तान बना यह कीवी खिलाडी 

स्पोर्ट्सडेस्क - लगातार दूसरी बार फाइनल खेल रही न्यूजीलैंड ने इंग्लैण्ड के खिलाफ महामुक़ाबले में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया है, न्यूजीलैंड की शुरुआत खराब रही और 7वें ओवर में मार्टिन गप्टिल 19 रन बनाकर आउट हो गए,  पहले पावर प्ले में न्यूजीलैंड ने एक विकेट के नुकसान पर 33 रन बनाये थे, कीवी कप्तान केन विलियमसन ने इस मैच में एक रन बनाते ही एक वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले कप्तान बन गए।  उनके नाम वर्ल्ड कप 550 से ज्यादा रन हो गए हैं और उन्होंने महेला जयवर्धने का रिकॉर्ड तोड़ा है, जिन्होंने साल 2007 में 548 रन बनाए थे।  
बताते चलें कि विश्वकप 2019 के फाइनल मुकाबले में न्यूजीलैंड और इंग्‍लैंड दोनों ने ही टीम में कोई बदलाव नहीं किया है। 
आईसीसी वर्ल्ड कप में 23 साल बाद दुनिया को नया चैंपियन देखने को मिलेगा, लंदन के ऐतिहासिक लॉर्ड्स मैदान पर टूर्नामेंट का फाइनल मुकाबला न्यूजीलैंड और इंग्लैंड के बीच खेला जा रहा है, इंग्लैंड की टीम 27 साल बाद फाइनल में पहुंची है, वह इससे पहले तीन बार फाइनल में पहुंची है पर कभी जीत हासिल नहीं कर पाई. वहीं कीवी टीम पिछली बार साल 2015 में भी टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में पहुंची थी जहां उसे ऑस्ट्रेलिया से हार का सामना करना पड़ा था।  

विश्व कप फाइनल में इस विभीषण से बचना न्यूजीलैंड के लिए सबसे बड़ी चुनौती 

स्पोर्ट्सडेस्क - रियल लाइफ में ऐसे आपने बहुत से किस्से सुने होंगे जो की रामायण में विभीषण के किरदार से मिलते जुलते रहे होंगे मगर क्रिकेट जगत में भी ऐसा पहली बार  होने जा रहा जब एक देश का खिलाड़ी आज अपने ही देश के सामने विश्व कप जैस बड़े टूर्नामेंट में सबसे बड़ी दीवार बनकर खड़ा होता हुआ नजर आ रहा  है।     
जी हाँ हम बात कर रहे हैं एक ऐसे खिलाडी की जिसका जन्म तो न्यूजीलैण्ड में हुआ मगर आज के सम,य में वह खिलाडी इंग्लैण्ड की टीम का सबसे बड़ा आलराउंडर खिलाडी है और विश्व कप 2019 में उसका दमदार प्रदर्शन भी जारी है।   
इंग्लैण्ड टीम के खतरनाक खिलाडी बेन स्टोक्स वर्ल्ड कप 2019 के फाइनल में उस देश के खिलाफ मैदान में उतरेंगे जहां उन्होंने जन्म लिया, जी हां स्टोक्स का जन्म 4 जून 1991 को न्यूजीलैंड के क्राइस्टचर्च में हुआ था।  
स्टोक्स ने मौजूदा वर्ल्ड कप में इंग्लैंड के लिए 381 रन बनाए हैं और 7 विकेट भी चटकाए हैं, इसी विश्व कप में अब तक स्टोक्स 4 अर्धशतक भी लगा चुके हैं।  
यूं तो किसी भी खेल में कहीं और पैदा हुए किसी खिलाड़ी का दूसरे देश से खेलना कोई नई और बड़ी बात नहीं होती, मगर कुछ खिलाड़ी ऐसे होते हैं जिनके बारे में ये बात करना जरूरी हो जाता है कि आखिर उन्होंने ऐसा क्यों किया, आज इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के बीच वर्ल्ड कप 2019 का फाइनल खेला जा रहा है, इसलिए ऐसे ही एक खिलाड़ी के बारे में बात करना जरूरी है।  
इंग्लैंड की टीम ने अंक तालिका में तीसरे स्‍थान पर रहकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया था, टीम के इस प्रदर्शन में वैसे तो सभी खिलाड़ियों ने योगदान दिया, लेकिन बेन स्टोक्स ने बल्ले से 381 रन बनाए तो गेंदबाजी में भी सात विकेट हासिल किए, अब इंग्लैंड को लॉर्ड्स पर होने वाले फाइनल में न्यूजीलैंड का सामना करना है, इंग्लैंड के बाकी खिलाड़ी जहां इस मुकाबले में जीत दर्ज कर खिताब कब्जाने के लिए मैदान में कदम रखेंगे, वहीं स्टोक्स के लिए भावनाएं अलग होंगी,  ऐसा इसलिए क्योंकि स्टोक्स उस देश के खिलाफ मैदान में उतरेंगे जहां उन्होंने जन्म लिया।  
 

क्रिकेट के लिए इंग्लैंड आ गए थे स्टोक्स 

स्टोक्स के पिता रग्बी कोच थे और  उन्हें वर्किंग्‍टन टाउन रग्बी लीग क्लब के लिए कोच नियुक्ति किया गया तो उन्होंने इंग्लैंड का रुख कर लिया, कोचिंग देने के लिए पिता इंग्लैंड आकर बस गए. तब स्टोक्स की उम्र करीब 12 साल रही होगी, उन्होंने क्रिकेट खेलने के लिए नॉदर्न इंग्लैंड का रुख किया, यहां स्टोक्स ने 15 साल की उम्र में 2006 में नॉर्दर्न लंकाशायर एंड कमबरिया क्रिकेट लीग प्रीमियर लीग डिविजन टाइटल जीता, हालांकि अब उनके माता-पिता 2013 के बाद से क्राइस्टचर्च में ही जाकर बस गए हैं।  अब देखना दिलचस्प होगा की स्टोक्स इंग्लैण्ड के लिए इतने बड़े मुकाबले में कितना अधिक से अधिक योगदान दे सकते हैं।  

इस भारतीय दिग्गज ने आज कह दिया क्रिकेट को अलविदा 

स्पोर्ट्स डेस्क - भारतीय  टीम में बल्लेबाजी व बेहतरीन फील्डिंग से अपना हुनर दिखा चुके खिलाडी अंबाती रायडू ने अपने संन्यास की घोषणा कर दी है, इसके लिए रायडू ने बीसीसीआई को पत्र लिखते हुए कहा है कि वे क्रिकेट के सभी फॉरमेट से सन्यास लेने का फैसला कर रहे हैं, हालांकि रायडू ने अभी तक वह वजह नहीं स्पष्ट की है जिसके चलते उन्होंने संन्यास लेने का फैसला लिया है मगर सूत्रों के हवाले से मिली खबरों के मुताबिक़ विश्व कप 2019 की टीम में जगह नहीं मिलने के चलते रायडू ने ये फैसला लिया है। वर्ल्ड कप में भारतीय टीम के दो खिलाड़ियों को चोट के चलते बाहर होना पड़ा, शिखर धवन के बाहर होने के बाद विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत को मौका दिया गया, वहीं विजय शंकर की जगह मयंक अग्रवाल को बुलाया गया. जबकि रायडू भी स्टैंडबाय लिस्ट में शामिल थे। प्रमुख अख़बार इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक भारतीय क्रिकेट टीम के मिडिल ऑर्डर बल्लेबाज रायडू ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के अलावा इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) भी नहीं खेलने का फैसला लिया है, जिसके बाद वो अब क्रिकेट के किसी भी फॉर्मेट में खेलते नजर नहीं आएंगे।  
वर्ल्ड कप में बल्लेबाज अंबाती रायडू को जगह नहीं मिलने के बाद आइसलैंड क्रिकेट बोर्ड ने उन्हें खेलने का ऑफर दिया था. आइसलैंड क्रिकेट की तरफ से एक ट्वीट किया गया. जिसमें रायडू को वहां से खेलने के अलावा नागरिकता भी ऑफर की गई. उनके सभी फैन इस पर उनकी प्रतिक्रिया का इंतजार कर रहे थे. लेकिन इससे पहले ही उन्होंने अपने संन्यास की घोषणा कर दी, आइसलैंड क्रिकेट की तरफ से रायडू के लिए डॉक्युमेंट्स की डीटेल भी दी गई. रायडु को बताया गया कि कैसे वो वहां की नागरिकता हासिल कर सकते हैं. इसके अलावा आइसलैंड ने मयंक अग्रवाल को बुलाए जाने पर भी तंज कसा और कहा कि अंबाती रायडू अब अपने थ्री डी ग्लास हटा सकते हैं। 

ये था अंबाती का क्रिकेट करियर 

अंबाती रायडू ने भारत के लिए कुल 50 वनडे मैच खेले हैं जिनमे उन्होंने 47.05 की औसत से कुल 1694 रन बनाए हैं और एकदिवसीय मैचों में अंबाती रायडू का सर्वाधिक स्कोर 124 रहा, वनडे में रायडू ने 3 शतक और 10 अर्धशतक जड़े।  

हार के बाद टीम इंडिया को एक और झटका, यह खिलाडी भी चोट के कारण हुआ बाहर

स्पोर्ट्स डेस्क - इंग्लैण्ड में चल रहे आईसीसी विश्वकप में जहां भारत को रविवार को इंग्लैण्ड के हांथो हार का सामना करना पड़ा है वहीँ भारत को एक और झटका लगा है, शिखर धवन के बाद अब ऑलराउंडर विजय शंकर चोट के कारण वर्ल्ड कप से बाहर हो गए हैं,शंकर को कुछ दिन पहले नेट्स में जसप्रीत बुमराह की यॉर्कर से पंजे (टो) में चोट लगी थी. आगे के मैचों के लिए कर्नाटक के बल्लेबाज मयंक अंग्रवाल को शंकर की जगह टीम में शामिल किया जा सकता है, मयंक अग्रवाल ने हाल ही में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट सीरीज में अपने अंतरराष्ट्रीय करियर का आगाज किया था.

अफगानिस्तान के खिलाफ मैच से पहले लगी थी चोट 

विजय शंकर को अफगानिस्तान के खिलाफ मैच से पहले नेट्स के दौरान चोट लगी थी. हालांकि उस वक्त ऐसा समझा गया था कि चोट ज्यादा गंभीर नहीं है. शंकर ने उसके बाद अफगानिस्तान और वेस्टइंडीज के खिलाफ मैच खेले थे, हालांकि 30 जून को इंग्लैंड के खिलाफ हुए मैच में शंकर को टीम में जगह नहीं मिली, कप्तान कोहली ने बताया था कि शंकर के ‘टो’ में हल्की चोट है, जिसके चलते ऋषभ पंत को शामिल किया गया था. रिपोर्ट्स के मुताबिक शंकर की जगह मयंक अग्रवाल को टीम में शामिल किया जा सकता है.

बीसीसीआई के सूत्रों द्वारा मिली जानकारी के मुताबिक “विजय के बाएं पैर के ‘टो’ फ्रैक्चर पाया गया है, जिसको दुरुस्त होने में कम से कम 3 हफ्ते लगेंगे. इसके चलते वो टूर्नामेंटमें आगे नहीं खेल पाएंगे. वो वापस भारत लौट रहे हैं' ऐसा माना जा रहा है कि आईसीसी की टेक्नीकल कमेटी मयंक को टीम में शामिल करने की इजाजत देगी और फिर वो बर्मिंघम में टीम से जुड़ेंगे, जहां से वो आने वाले मैचों के लिए टीम के साथ रहेंगे.भारत का अगला मैच 2 जुलाई को बर्मिंघम में ही बांग्लादेश के खिलाफ है, जबकि आखिरी लीग मैच 6 जुलाई को लीड्स में श्रीलंका के खिलाफ है.

 

विराट ने किया धोनी का बचाव, कहा - इंग्लैंड खेला हमसे बेहतर

स्पोर्ट्स डेस्क : भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली ने इंग्लैंड से मिली हार के लिए टीम की बल्लेबाजी को जिम्मेदार ठहराया है। रविवार को विश्व कप 2019 के 38वें मुकाबले में टीम इंडिया इंग्लैंड से 31 रनों से हार गई।  इसके बाद विराट कोहली ने कहा कि उनकी टीम सपाट पिच पर रनों का पीछा करने में पिछड़ गई. उन्होंने कहा, ‘विकेट सपाट था. हमें रन गति को तेज करना था, लेकिन उन्होंने (इंग्लैंड) ने शानदार गेंदबाजी की.’

धौनी की बल्लेबाजी को लेकर विराट ने कहा कि वो बाउंड्री लगाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन गेंद बल्ले पर उतनी अच्छी तरह से आ नहीं रही थी। धौनी की बैटिंग को लेकर पूछे गए एक सवाल में कप्तान ने कहा कि उन्हें लगता है कि धौनी गेंद को सीमा पार पहुंचाने की पूरी कोशिश कर रहे थे, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। कोहली ने कहा कि गेंद कुछ रुक कर आ रही थी, इसलिए आखिर में बल्लेबाजी करना मुश्किल हो गया था। हम अपना आकलन करेंगे और अगले मैच में सुधार करेंगे। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि हमें ये स्वीकार करना होगा कि विपक्षी टीम कहीं बेहतर खेली।
इंग्लैंड इस जीत के साथ सेमीफाइनल में पहुंचने की दौड़ में शामिल हो गया है। कोहली ने कहा कि अगर हम ठीक से बल्लेबाजी करते और गलत समय पर आउट नहीं होते तो नतीजा अलग हो सकता था। हमारे पास जीतने का बेहतर मौका था। हम अपने विकेट लगातार गंवाते रहे और इससे बड़े स्कोर का पीछा करने में मदद नहीं मिली।

शमी की हैट्रिक से भारत ने अफगानिस्तान को हराया

 

नई दिल्ली : गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन से टीम इंडिया ने शनिवार को विश्व कप के 28वें मैच में अफगानिस्तान को 11 रन से हरा दिया है। साउथेम्प्टन में खेले गए इस रोचक मुकाबले में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए टीम इंडिया ने निर्धारित 50 ओवर में आठ विकेट के नुकसान पर 224 रन बनाए। जवाब में अफगानिस्तान की टीम 213 रन पर आल आउट हो गई ।

 

लक्ष्य का पीछा करने उतरी अफगानिस्तान टीम को सातवें ओवर की तीसरी गेंद पर पहला झटका लगा। तेज गेंदबाज मोहम्म्द शमी ने सलामी बल्लेबाज हजरतुल्लाह जजई (10) को बोल्ड कर टीम इंडिया को पहली सफलता दिलाई। इसके बाद 16.5 ओवर में हार्दिक पांंड्या ने अफगानिस्तान को दूसरा झटका दिया। पांड्या ने कप्तान गुलबदीन नइब को विजय शंकर के हाथों कैच आउट कराकर चलता किया। नइब ने 42 गेदों में दो चौके की मदद से 27 रन बनाए। दूसरे विकेट के लिए रहमत और गुलबदीन के बीच 44 रन की साझेदारी हुई।  

टीम इंडिया के लिए 29वां ओवर टर्निंग प्वाइंट रहा। इस ओवर में अफगानिस्तान के दो झटके लगे। ओवर की चौथी व छठी गेंद पर जसप्रीत बुमराह ने क्रमशः रहमत शाह (36) और हशमतुल्लाह शाहिदी (21) को अपना शिकार बनाया। शाह और शाहिदी के बीच तीसरे विकेट के लिए 42 रन की साझेदारी हुई।

इसके बाद 34.6 ओवर में चहल ने असगर अफगान को आउट कर अफगानिस्तान को पांचवा झटका दिया। असगर केवल आठ रन बनाकर आउट हो गए। यहां से नबी और जादरान की जोड़ी ने पारी को संभालने की कोशिश की लेकिन 41.3 ओवर में हार्दिक पांड्या ने नजीबुल्लाह जादरान (21) को चहल के हाथों कैच आउट कराकर अफगानिस्तान को छठा झटका दिया। छठे विकेट के लिए इन दोनों बल्लेबाज़ों के बीच 36 रन की साझेदारी हुई।

इससे पहले भारत ने अफगानिस्तान के सामने 225 रन का लक्ष्य रखा है। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए टीम इंडिया ने निर्धारित 50 ओवर में आठ विकेट के नुकसान पर 224 रन बनाए। भारत की तरफ से केदार जाधव ने सबसे ज्यादा 52 रन की अर्धशतकीय पारी खेली। वहीं, अफगानिस्तान की तरफ से मोहम्म्द नबी और गुलबदीन नइब ने दो-दो, जबकि मुजीब उर रहमान, राशिद खान, आफताब आलम और रहमत शाह ने संयुक्त रूप से एक-एक विकेट झटके।