जश्न में रंग भरने के लिए किया मालकिन का क़त्ल

0
620

न्यूज़ प्लस संवाददाता देवेश वर्मा की रिपोर्ट

रायबरेली विश्वास का कत्ल कर के कोई अपना जश्न मना सकता है ये सोच कर भी रूह कांप जाती है। सबसे ज्यादा विश्वास जिस पर किया जाए वहीं अगर जख्म देेने पर उतर आए तो माामला और संगीन हो जाता है। विश्वास से बड़ा कोई रिश्ता नही होता और न ही विश्वास तोड़ने से बड़ा कोई धोखा होता है। इसी विश्वास को रायबरेली के सदर कोतवाली के बेलीगंज इलाके में ईंटो से कूंच दिया गया और वो भी सिर्फ नए साल की पार्टी में जमकर रंग भरने के लिए।

क्या थी पूरी घटना

उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले में मामला सदर कोतवाली क्षेत्र के बेलीगंज का है जहां एक घर में एक वृद्ध महिला अकेली रहती थी और घर का काम काज करने के लिए एक नौकरानी लक्ष्मी थी। इस नौकरानी का बेटा अय्याश किस्म का था जिसने दोस्तो साथ नए साल का जश्न मनाने की तैयारी तो कर ली लेकिन पैसे की कमी इस जश्न के आड़े आ रही थी। ऐसे में उसे मां की मालकिन का पैसा दिखाई पड़ रहा था। वो महिला का घर गया और अपने माँ के आने की बात पूँछी। महिला के मना करने पर पहले उसने पतंग छत से उड़ाने की बात कह कर घर मे घुसने की कोशिश की लेकिन महिला ने मना कर दिया। आस पास लोगो को देख कर ये चला गया और थोड़ी देर बाद दुबारा आकर बेटे ने दोस्तो के सहयोग से वृद्ध महिला को अकेला पाकर ईंटो से कुचलकर मौत के घाट उतार दिया।

चार घण्टे में पुलिस ने किए चौंकाने वाले खुलासे

संतोष कपूर ( मृतक) फाइल फोटो

पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि जिसने घटना को अंजाम दिया वह ना सिर्फ नाबालिग है बल्कि ऐसा उन्होंने सिर्फ इसलिए किया कि नए साल के पार्टी और जश्न का पैसा कहां से आएगा। इस अपराध के जरिए उन्होंने वृद्ध महिला की हत्या करके दो सोने के अंगूठी, दो सोने के कंगन, 4 मोबाइल, एक वाईफाई डिवाइस, एक लैपटॉप चार्जर, व एक लैपटॉप लूट लिया।पूरे शहर में दिनदहाड़े हुए इस घटनाक्रम ने सनसनी मचा दी मगर रायबरेली पुलिस ने पुलिस अधीक्षक शिव हरी मीणा के निर्देशन में घटना का खुलासा महज चार घण्टो में ही कर दिया।

क्या कहते है कप्तान

संतोष कपूर के मर्डर का खुलासा करते एसपी शिव हरी मीणा

पुलिस अधीक्षक कार्यालय में बने किरण हाल में घटना का खुलासा करते हुए पुलिस अधीक्षक शिव हरी मीणा ने बताया कि वृद्धा महिला सन्तोष कपूर की हत्या के बाद एडिशनल एसपी के नेतृत्व में सीओ और कोतवाल की टीम बनाई गई। दबिश के दौरान विकास पर शक हुआ और उसे पूछताछ हुई। पहले विकास ने गुमराह करने की कोशिश की लेकिन अपनी बातों में उलझता गया। जिससे पुलिस टीम ने मामले में इसकी संलिप्तता मानते हुए कड़ाई से पूछताछ की और इसने क्रमवार अपना गुनाह कबूल कर लिया।

घटना स्थल की जाॅच करती फोरेंसिक टीम

मामले में चार अभियुक्तों विकास कुमार उर्फ अंकुर पुत्र अनिल कुमार, इमरान अहमद पुत्र स्व नसीम अहमद, श्रीमती शबाना पत्नी स्व नसीम अहमद व मोहम्मद आरिफ पुत्र अब्दुल कुद्दूस सभी निवासी काशीराम कॉलोनी थाना मिल एरिया को गिरफ्तार करके उनके पास से लूटे गए सभी सामान व आभूषणों की बरामदगी कर ली गई है। घटना के खुलासे में नगर कोतवाली में प्रभारी निरीक्षक नागेश कुमार मिश्र, उप निरीक्षक विजय कुमार सिंह ,शैलेंद्र कुमार सिंह, आरक्षी विनोद कुमार, आरक्षी महिला दीक्षा पटेल, आरक्षी चालक अर्जुनलाल यादव का इस घटना के अनावरण में सराहनीय योगदान रहा।

महज कुछ घण्टो में खुलासे से मिला टीम को इनाम

घटना के महज चार घण्टे में खुलासा करने के लिए टीम का हौसला बढ़ाने केे उद्देश्य से पुलिस महानिरीक्षक लखनऊ द्वारा 15000 रुपये नगद व पुलिस अधीक्षक द्वारा 10000 नगद पुरस्कार भी दिया गया।

कोई जवाब दें

Please enter your comment!
Please enter your name here